Showing posts with label लाइफस्टाइल. Show all posts
Showing posts with label लाइफस्टाइल. Show all posts

Tuesday, 29 May 2018

बरसों पुरानी खुजली को ख़त्म करने के अचूक उपाए

कई बार देखा गया है की व्यक्ति खुजली की समस्या से ग्रसित होता है। बहुत सारे मामलों में ये खुजली कुछ दिनों या महीनो पुरानी न होकर सालों पुरानी भी होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाए बताने जा रहे हैं जो की आपकी खुजली की समस्या को जड़ से ख़त्म कर देगा।
आप एक नीँबू लिए और उसे बीच में से काट लें। अब उसके कटे वाले भाग को शरीर पर जिस हिस्से में खुजली हो उस पर लगा दो। ऐसा दिन में दो से तीन बार तक करें। कुछ ही दिनों के नित्य रूप से करने पर सालों पुरानी खुजली ठीक हो जायेगी।
अगर खुजली बहुत पुरानी न हो तो उस पर एलोविरा को काट कर लगाएं। इससे भी खुजली में राहत मिलती है।
ध्यान रहे की अगर आपकी त्वचा कटी हुई हो तो उपरोक्त नुस्खे न अपनाएं या अगर आपको लगता है की उपरोक्त उपायों से कोई आराम नहीं मिल रहा है तो तुरंत किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट को दिखाएं। 
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Saturday, 19 May 2018

पुरुषों के ऐसे पहनावे जिनसे उनकी लम्बाई लगे ज्यादा

भारतीय पुरषों की लम्बाई या हाइट औसत से अधिक ही होती है। परन्तु अगर आपको लगता है की आपकी हाइट ज्यादा नहीं है या आप अपने आप को अधिक लम्बा दिखाना चाहते हैं तो आप अपने लिए कुछ ख़ास तरह के परिधानों का चयन करें। इससे आप अपने को अधिक लम्बा प्रदर्शित कर पाएंगे। आज हम आपसे इसी के बारें में चर्चा करने जा रहे हैं। तो आइये शुरू करते हैं।
आप जब भी अपनी शर्ट्स पहने तो आप उसे अंदर टक जरूर करें। अगर आप शर्ट्स को बाहर रखते हैं तो इस आदत को बदल लीजिये। इसके अलावा आप लम्बी वर्टिकल लाइन्स वाली शर्ट पहने। इससे आपकी हाइट ज्यादा लगेगी। आप कभी भी आड़ी या हॉरिजॉन्टल लाइन्स या पैटर्न वाली शर्ट्स न पहने। ऐसा करने से आपकी लम्बाई सामने वाले को कम दिखाई देती है।
आप अपनी ट्रॉउज़र को कमर के नीचे (लौ वैस्ट) न पहने, इससे भी लम्बाई कम दिखाई देती है। इस बात का भी पूरा ध्यान रखें की आपकी ट्रॉउज़र या पैन्ट्स ढीली ढाली न हो। हमेशा अपनी फिटिंग के कपड़े ही पहने। आप अपनी ट्रॉउज़र को फिटेड बनवाएं। साथ ही फुल लेंथ ट्रॉउज़र ही पहने।
इसके अलावा एक बात का जरूर ध्यान रखें की आप चेक्स पैटर्न पहनने से बचें। आप स्ट्राइव या प्लेन कलर ही पहने। इससे भी आपकी लम्बाई ज्यादा दिखेगी। यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख, खबरें तथा जानकारियां मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Friday, 18 May 2018

दस्त में मिलेगा आराम अपनाएं इस घरेलु नुस्खे को

अक्सर जब लोगो को दस्त लगता है तो बहुत ही तेज़ी से शरीर में पानी की कमी होने लगती है जिसके के कारण शरीर बहुत ही कमजोर हो जाता है। इसलिए सभी लोग जल्द से जल्द दस्त से छुटकारा पाना चाहते है। यदि आप दस्त के कारण बहुतभी परेशान हो और कोई फायदा नज़र ना आ रहा हो तो आप इस घरेलु उपाय का प्रयोग अवश्य कर के देखे। आपको शीघ्र ही आराम मिलेगा।


थोड़े से जीरे को भूने और पीस ले। अब इसको दही में मिला के खा ले। इसका लगातार सेवन करने से दस्त में आराम मिलता है। इस भुने जीरे को आप लस्सी में डालके भी सेवन कर सकते है। दही और लस्सी दोनों ही पेट के लिए फायदेमंद होते है। 
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Monday, 14 May 2018

वट अमावस पर जरूर करें ये काम पूरी होगी हर मनोकामना

इस साल वट अमावस दिनांक 15 मई 2018 को पड़ रही है। वट अमावस ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस के दिन किया जाता है। इसे सुहागिनों ख़ास तौर पर मानती है तथा अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती है। इस दिन वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है की वट वृक्ष में त्रिदेव यानि की ब्रह्मा विष्णु और महेश का वास होता है।
मान्यता के अनुसार इस व्रत को सावत्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने के लिए रखा था। इसी कारण इसे वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे है की इस दिन किन कामो को जरूर करना चाहिए।
सुहागिनों को इस दिन सोलह श्रृंगार करना चाहिए। वैसे तो इस व्रत की पूजा को वट वृक्ष के निचे करनी चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो आप वट वृक्ष की एक डाल घर पर लाकर एक गमले में लगा लें और खुले आसमान के निचे इसे वट वृक्ष के प्रतीक के रूप में पूजें।
वट अमावस पर इसकी कथा की भी बड़ी महानता है। अगर इस दिन वट सावित्री की कथा सुनी और सुनाई जाए तो आपकी सभी मनोकाना पूरी होती है। अगर आप के साथ कथा सुनने वाला कोई न हो तो आप एक दीपक जला कर भी अपनी कथा कह सकती है।
पूजा सम्पति के बाद वट वृक्ष की पूजा अवश्य करें। आप इसकी 3, 5, 7 या 108 अपनी श्रद्धा के अनुसार परिक्रमा कर सकती है। इस दिन आप प्रसाद में काले चने और आटे के बरगद जरूर बनाएं। साथ ही घर पर मौजूद बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलें।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Thursday, 10 May 2018

क्यों की जाती है खंडित शिवलिंग की पूजा

वैसे तो हिन्दू धर्म में मूर्ति पूजा की जाती है। साथ ही मूर्ति पूजा करने के कुछ नियम भी हैं जिन्हे हर किसी को मानना पड़ता है। जैसे की कोई भी व्यक्ति मूर्ति या प्रतिमा को अशुद्ध हाथों से नहीं छू सकता। इसके अलावा देवी देवता को चढ़ाया जाने वाला प्रसाद भी शुद्ध होना चाहिए।


शास्त्रों के अनुसार मंदिर में अगर कोई भगवान् की प्रतिमा खंडित हो जाए तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। खंडित मूर्तियों या प्रतिमाओं की पूजा करना अनुचित माना जाता है। परन्तु यहाँ पर भगवान् शिव का स्वरुप शिवलिंग एक अपवाद है। आप इस संसार में व्याप्त किसी भी शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं फिर चाहे वो मूर्ति या प्रतिमा खंडित ही क्यों न हो। ऐसा इसलिए है क्यूंकि ऐसा माना जाता है की शिव इस संसार में हर स्वरुप में विद्यमान हैं। इसलिए उनका शिवलिंग चाहे सम्पूर्ण हो या खंडित वो हर तरह से पूजनीय है।
अब आगे से अगर आपको कभी भी कोई शिवलिंग मिले फिर चाहे वो खंडित ही क्यों न हो उसके समक्ष हाथ जरूर जोड़ लें।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Wednesday, 9 May 2018

गोद भराई की रसम क्यों की जाती है


हिन्दू धर्म में 16 संस्कारों का महत्त्व है। इन संस्कारों की शुरआत गर्भधारण से शुरुआत होती है और आखरी संस्कार अंत्येष्टि तक के होते है। आज हम आपको इन्ही में से एक गोद - भराई के बारे में बताने जा रहे है। दरअसल हम में से बहुत से लोग इस रसम को निभाते तो जरूर है पर ये नहीं जानते की इसको आखिर क्यों मनाते है।
हिन्दू धर्म में गर्भ धारण के सातवें महीने में गोद भराई की रसम मनाई जाती है। इस रसम में आने वाली संतान के अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक विशेष प्रकार की पूजा की जाती है। साथ ही भावी माता पिता को घर परिवार के बड़े बुजुर्ग आशीर्वाद देते हैं तथा उनके मंगल जीवन की कामना करते है।
इसके अलावा गर्भवती महिला की गोद में बहुत सारे फल, सूखे मेवे, डॉयफ्रुइट्स इत्यादि डाले जाते है। जो की प्राकृतिक रूप से तेलिये होते है। इन्हे खाने से गर्भवती महिला और उसकी संतान को पोषण तो मिलता ही है साथ ही प्रसव के समय कम पीड़ा होती है।
इसके अतिरिक्त कुछ जगहों पर महिला को गोद भराई के बाद उसके मायके भेज दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि महिला हो अपने अपनी ससुराल की अपेक्षा मायके में ज्यादा आराम मिल सके। तो ये थी गोद भराई से जुड़ी कुछ बातें। आगे भी हम इसी तरह की जानकारियां आपके साथ साझा करते रहेंगे।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Monday, 7 May 2018

पुरुष कैसे करें अपनी महिला मित्र को इम्प्रेस

पुरुष अक्सर ये चाहते हैं की जब भी लोगों के बीच में हों तो लोग उन्हें गंभीरता से लें। दरअसल लोगों को इम्प्रेस करने के लिए आपकी वेशभूषा और आपके अपीयरेंस का बहुत बड़ा हाथ होता है। साथ ही हम आपको ये बताने जा रहें की कैसे आप अपने पहनावे से अपनी महिला मित्र को इम्प्रेस कर सकते हैं। आइये जाने क्या हैं वो बातें जो करती हैं लोगों को इम्प्रेस। तो चलिए शुरू करते हैं।
सजना संवारना
सबसे महत्वपूर्ण होता है सजना संवारना। जी हाँ अब वक़्त बदल गया है। आज के दौर में सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी अपने सजने सँवारने पर वक़्त और पैसा दोनों लगते हैं। और हों भी क्यों न क्यूंकि जब भी आप जब भी लोगों के बीच में जाते हैं तो सबसे पहले उनकी नज़र आपके चेहरे और लुक्स पर पड़ती है।
हेयर स्टाइल
आपका हेयर स्टाइल भी आपके व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है। इसलिए हमेशा अपने लिए एक हेयर स्टाइल चुने जो आपके लुक्स को और बढ़ाए।
हाथ मिलाना
आपके हाथ मिलाने का तरीका भी आपका फैशन स्टेटमेंट बन जाता है। आप जब भी किसी के साथ हाथ मिलाए हमेशा मजबूती के साथ मिलाए। परन्तु महिलाओं से हाथ बड़े ही सॉफ्टनेस के साथ मिलाएं।
टैटूस
अगर आपको टैटूस का शौक है तो ये भी आपकी पर्सनालिटी को रिफ्लेक्ट करते है। वैसे टैटूस आपको सोच समझ कर बनवाने चाहिए।
दाढ़ी और मूंछे
आपके चेहरे पर मौजूद दाढ़ी और मूंछे भी आपकी शख्सियत पर प्रभाव डालते हैं। आपको हमेशा इन्हे ट्रिम कर के रखना चाहिए।
एक्सेसरीज
इसके बाद आपकी एक्सेसरीज की तरफ लोगों का ध्यान जाता है। आप अपने पहनावे के अनुसार ही अपनी एक्सेसरीज को चुने।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख, खबरें तथा जानकारियां मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Friday, 4 May 2018

क्यों कुछ लोगों को होता है रात का खौफ

हम में से कुछ लोगों को रात का खौफ होता है। ये वो लोग होते हैं जिन्हे रात में कोई भी काम अकेले करने में डर लगता है। ये आधी रात में ही चौंक कर उठ जाते हैं। या कभी कभी लगता है की कमरे में और भी कोई है या कोई आपको छुप कर देख रहा है। आज हम आप से इसी विषय पर बात करने जा रहें है।
दरअसल हिन्दू धर्म में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अलग अलग जगहों पर ऐसी मान्यता है की रात के वक़्त आसुरी या बुरी शक्तियां सबसे ज्यादा प्रबल होती है। इसी कारण जो लोग तंत्र विद्या आदि करते हैं वो रात का समय ही इस कार्य के लिए चुनते है। कैथोलिक धर्म में भी उलटे क्रॉस के निशान को शैतान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
ऐसी मान्यता है की सुबह के तीन बजे ये शैतानी शक्तियां अपने चरम पर होती हैं। ऐसा भी कहा जाता है की इस समय रूहें भटकती रहती है। और कभी ये आपके आस पास से भी होकर गुजरती है। इसलिए कभी कभी किसी के दिखाई न देने के बावजूद आपको ये महसूस होता है की कोई आपके पास से गुजरा है।
हालाँकि हिन्दू धर्म में इसके बाद का चार बजे का समय ब्रह्मुहुर्त माना जाता है। और ऐसी मान्यता है की इस समय की गयी पूजा और तपस्या कभी भी व्यर्थ नहीं जाती है। अगले लेख में में हम बताएंगे की कैसे आप अपने इस खौफ से पार पा सकते है। साथ ही कुछ आसान से टोटके भी जिससे इस डर से बचा जा सके।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Wednesday, 2 May 2018

जानिए ब्लैक सूट के साथ बेस्ट शर्ट और टाई कॉम्बिनेशंस

कई बार पुरषों में ये देखा जाता है की वो सूट तो बहुत सुन्दर पहन लेते हैं परन्तु उसके साथ शर्ट या टाई बिलकुल सूट नहीं करती। जिसके कारण उनकी पर्सनालिटी भी निकल कर बाहर नहीं आ पाती है। आज हम आपको पुरषों में ब्लैक सूट के साथ पहने जाने वाली टाई और शर्ट्स के बारे में बताने जा रहें हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।
आप अपनी शर्ट के कलर लाइट रखें इससे या कंट्रास्ट में अधिक सुन्दर लगेंगे। इसके अलावा पैटर्न या स्ट्राइप को अवॉयड करें। ये ब्लैक सूट के साथ बिलकुल अच्छी नहीं लगती। आप छोटे चेक्स की शर्ट्स पहन सकते हैं। साथ ही मैचिंग पॉकेट स्क्वायर भी रखें। पर ये वाइट और ब्लैक नहीं होना चाहिए।
टाई का कलर शर्ट के कलर से या तो बिलकुल कंट्रास्ट में हो या बिलकुल मैचिंग में। आजकल रेडी मेड शर्ट्स और टाई के कई खूबसूरत पैटर्न बाज़ार में मिल जाते हैं।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख, खबरें तथा जानकारियां मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Saturday, 28 April 2018

बिना मेकअप के कैसे दिखें खूबसूरत

महिलाएं अकसर सुन्दर दिखने के लिए मेकअप का प्रयोग करती हैं। परन्तु हर वक़्त मेकअप करे रहना भी सही नहीं है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनको प्रयोग करने के बाद आप बिना मेकअप के ही सुन्दर दिख सकती हैं। तो आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ टिप्स के बारें में।
सबसे पहले तो आपको दिन में कम से कम दो से तीन बार अपना चेहरा ठन्डे पानी से धोना चाहिए। आप कोई सा भी फेसवाश इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके अलावा आप परफ्यूम या डिओ लगाने की बजाए नहाते वक़्त कोई अच्छा सा बॉडी लोशन लगाए। ये आपकी त्वचा के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा।
इसके अलावा अपने लिए अच्छे कपड़ों का चुनाव करें। सलीके से पहने गए अच्छे और साफ़ कपड़े भी आपकी खूबसूरती में इज़ाफ़ा करते हैं। इसके अलावा अपने शूज़, बूट्स या सैंडल भी अपनी ड्रेस से मैचिंग की ही पहने। तथा हमेशा अपने चेहरे पर एक स्माइल जरूर रखें। मुस्कुराते चेहरे सभी को भाते हैं।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख, खबरें तथा जानकारियां मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

अगर बर्फ देखनी है तो जरूर आएं यहाँ

अक्सर लोगों को बर्फ देखने का बड़ा क्रेज होता है। पर ज्यादातर जगह उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारें में बताने जा रहे हैं जहाँ पर आप साल में कभी भी आयें बर्फ जरूर देखने को मिलेगी। जी हाँ हम बात कर रहें हैं रोहतांग पास (दर्रा) की।
रोहतांग पास हिमांचल प्रदेश में हिमालय पर्वतमाला के पूर्वी पीर पंजाल पहाड़ियों पर स्थित है। इसकी समुद्रतल से ऊंचाई 13050 फ़ीट है। मनाली से इसकी दूरी लगभग 51 किलोमीटर की है। रोहतांग पास को लाहौल और स्पीति वैली का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।


पहले लोग अपनी गाड़ी से यहाँ पर आ जाते थे। परन्तु पहाड़ी रास्तों पर अनुभव न होने के कारण यहाँ पर बहुत से एक्सीडेंट भी हुए। साथ ही ज्यादा वाहनों के आने के कारण यहाँ के वातावरण पर भी इसका प्रभाव पड़ा। जिसके कारण सरकार ने यहाँ पर प्राइवेट वाहनों पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। साथ ही प्रोफेशनल ड्राइवर्स को ही यहाँ पर वाहन चलाने की अनुमति है।
रोहतांग पास कुल्लू क्षेत्र में मौजूद कुछ सबसे खूबसूरत जगह में से एक है। यहाँ पर आप जून से अक्टूबर के महीने में आ सकते हैं। यहाँ पर आपको काफी सारे एडवेंचर स्पोर्ट्स भी करने को मिल जाते हैं जैसे की स्नो स्कूटर, स्कीइंग, माउंटेन बाइकिंग इत्यादि।
मनाली से रोहतांग पास आते वक़्त आपके रास्ते में एक प्राकृतिक झरना भी पड़ेगा जिसका नाम रहला है। ये 2500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। इसकी प्राकृतिक छठा बहुत ही विहंगम है। तो अबकी बार अगर कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो एक बार रोहतांग पास के बारें में भी सोच लें।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Thursday, 26 April 2018

शेविंग के दौरान महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए ख्याल

शेविंग शब्द पुरुषों में तो बहुत आम है परन्तु महिलाओं में भी अब ये धीरे धीरे प्रचलित होने लगा है। आज हम आपसे महिलाओं द्वारा की जाने वाली शेविंग के बारें में बात करने वाले हैं। कई बार महिलाएं गलत तरीकों से शेव करती हैं और फिर उसका खामियाजा जिंदगी भर उठाती हैं। आज हम महिलाओं की शेविंग करने के सही तरीके बताने जा रहें हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।
शेविंग करने से पहले एक अच्छा रेज़र होना अत्यंत आवश्यक है। बाज़ार में कई तरह के रेज़र उपलब्ध है। आप अपनी जरूरत के अनुसार इसे चुने। ध्यान रहे की पुरुषों वाले रेज़र न चुने क्यूंकि उनकी त्वचा ज्यादा सख्त होती हैं। साथ ही उनके बाल भी मोठे होते हैं।
आपको सही शेविंग क्रीम या जेल का प्रयोग करना चाहिए। आप चाहें तो आप गर्म पानी का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। इससे बाल मुलायम पड़ जाएंगे। शेव कर लेने के उपरान्त आप एक अच्छा आफ्टर शेव लोशन चेहरे पर लगाएं। इस दौरान अपने हथेलियों को नीचे से ऊपर की और चलाएं। अगर आप आफ्टर शेव लोशन न लगाना चाहें तो आप कोई सा भी मॉइस्चराइज़र या क्रीम लगा सकते हैं। शेविंग करने से पहले आप किसी एक्सपेरिएंस्ड महिला की सलाह भी ले सकती है। अगर आप शेविंग में सहज नहीं हैं तो आप वैक्सिंग भी करा सकती हैं।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख, खबरें तथा जानकारियां मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

जानिए माउंट अबू के नक्की लेक से जुड़ी जानकारियां

माउन्ट अबू अरावली पर्वतमाला जो कि राजस्थान से शुरू होकर गुजरात तक जाती है। इस पर्वत की सबसे ऊँची छोटी का नाम गुरु शिखर है जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 5650 फ़ीट है। माउंट अबू में यूँ तो बहुत सारी घूमने वाली जगह हैं। पर इनमे से नक्की लेक (झील) की बात ही कुछ और है।
नक्की लेक बहुत ही पौराणिक और पवित्र मानी जाती है। ऐसा माना जाता है की देवताओं ने इसे अपने नखों (नाखूनों) से खोद कर बनाया था जिससे वो दानवों से अपने को बचा सकें। हालांकि अब ये एक टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर विकसित हो गया है। हर साल देश विदेश से लाखों लोग यहाँ पर घूमने आते हैं।


यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता बहुत ही अद्भुत और दार्शनिक है। आप यहाँ आकर अपने को प्रकृति से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। इस लेक में बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, पर उसके लिए आपको चार्ज देने पड़ते हैं। अगर आप माउंट अबू घूमने के लिए आये तो नक्की लेक आना न भूलें।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Wednesday, 25 April 2018

जानिए जल महल का इतिहास

जयपुर के मालसागर झील के बीचोबीच बसा है एक भव्य महल जिसे हम सभी जल महल के नाम से जानते है। ये महल लगभग 300 साल पुराना है। इस महल का निर्माण आमेर के राजा ने 1799 में कराया था।  15वी शताब्दी में आकाल पड़ने के बाद राजा ने इसका निर्माण करवाया था। पहाड़ो से आ रहे पानी को इक्कठा करने के लिए राजा ने एक बाँध को बनवाया था। बाद में राजा नाव पर बैठ कर इस झील में विचरण करने आया करते थे।
इस झील  के पानी से जो सुकून और शान्ति उन्हें मिलती थी वो उसे हमेशा के लिए पाना चाहते थे। तभी राजा ने ये तय किया की अश्वमेघ यज्ञ के बाद वो इस झील के बीचोबीच बने एक महल में रहेंगे। इस तरह से महल का निर्माण हुआ था।  ये महल पांच मंजिला है और इसकी भव्यता देखते ही बनती है । इस महल की चार मंजिले पानी के अंदर है और सिर्फ एक ही मंजिल पानी के ऊपर दिखती है । 


यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

जानिए हवा महल का इतिहास

जयपुर के बीचोबीच बना है हवा महल। ये महल अपनी सुंदरता और अनोखी डिज़ाइन के कारण प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ये महल राधा और कृष्ण भगवान को समर्पित किया गया था। हवा महल में पूरे साल बहुत ही अच्छी हवा आती रहती है जिसके कारण हमेशा ये महल ठंडा बना रहता है। और यही कारण है की इसका नाम हवा महल है। वैज्ञानिको के लिए ये आज भी खोज का विषय बना हुआ है की इस महल को इतना हवादार कैसे बनाया गया।
इस महल का निर्माण 1799 में महाराज सवाई प्रताप सिंह ने  कराया था। बहार से देखने में ये बिलकुल मधुमक्खी के छत्ते जैसा ही दिखता है। इस महल 953 में छोटी खिड़कियाँ है जिसके कारण ये महल इतना जयादा हवादार है। इस महल में पांच मंजिले है और ऊपर की मंजिल के लिए कोई भी सीढ़ी नहीं है। सबसे ऊपर की मंजिल पर जाने के लिए सरल एक रैंप बना हुआ है।
राजाजी चाहते थे की उनकी सभी रानियां और राजकुमारियाँ शहर में निकलने वाले जुलूस, झांकियों और पूरे शहर के नज़ारे को आराम से देख सके और इसलिए उन्होंने एक ऐसा महल बनवाया जो की झरोखो में बैठ कर सभी रानियां और राजकुमारियाँ शहर में निकलने वाले जुलूस, झांकियों और पूरे शहर के नज़ारे को आराम से देख पाती थी। साथ ही साथ ये बहुत ही जयादा हवादार भी था।


ये दुनिया की सबसे बड़ी बिना नीव की इमारत है। जिसके कारण इसे अजूबा भी माना जाता है।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

जाने गुजरात के बारे में कुछ रोचक तथ्य

गुजरात भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक है। ये भारत के पश्चमी भाग में पड़ता है। इसका क्षेत्र फल 1,960,24 स्क्वायर किलोमीटर है।  गुजरात की कुल आबादी का 88 % लोग हिन्दू, 10 % लोग मुस्लिम और 2 % लोग अन्य धर्म के है। गुजरात का समुद्र तट लगभग 1600 किलोमीटर है जो कि भारत में सबसे जयादा बड़ा है।
भारत का पहला बंदरगाह गुजरात के लोथल शहर में बनाया गया था। गुजरात के सभी गावो में बिजली मौजूद है। गुजरात में 17 हवाई अड्डे है। दुनिया के 80 % हीरे सूरत में पोलिश किये जाते है। एशिया का सबसे जयादा हरयाली वाला शहर गांधीनगर है।
पहले गुजरात की राजधानी अहमदाबाद थी पर बाद में बदल कर गांधीनगर कर दी गयी थी। भारत में अन्य राज्यों के मुकाबले गुजरात में सबसे जयादा शाकाहारी लोग रहते है।दूध का फेमस अमूल ब्रैड गुजरात से ही है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रूड आयल रिफाइनरी गुजरात के जाम नगर में है। गुजरात में शराब पर बैन लगा हुआ है।



गुजरात में रुई का उत्पादन भी होता है जिसमे ये पूरे भारत में नंबर एक स्थान पर है। इसके अलावा ये दूध और नमक के उत्पादन में भी पूरे भारत में नंबर एक स्थान पर है। गिर नेशनल पार्क एक मात्र ऐसी जगह है जहाँ एशियाई टाइगर पाए जाते है।  
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

जानिए उत्तर भारत में स्थित सबसे बड़े नेशनल पार्क के बारे में

उत्तर भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित है। वैसे ज्यादातर लोग इसे राजा जी नेशनल पार्क के नाम से जानते हैं। साल 2017 में इसे टाइगर रिज़र्व का दर्जा मिला है। इसका क्षेत्रफल 820 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।


ये अपने प्राकृतिक सुंदरता एवं मनोहर दृश्यों के लिए प्रचलित है। यहाँ पर बहुत से जानवर पाए जाते हैं जिनमे से कुछ प्रमुख है हाथी, शेर, चीता, हिरन, गोरिल्ला इत्यादि। यहाँ पर 23 स्तनधारी जीवों के अलावा, 315 पक्षियों की प्रजातियां भी पायी जाती है। इसका नाम भारत के स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय श्री सी राजगोपालाचारी के नाम पर रखा गया है।
यहाँ पर घूमने का सबसे उपयुर्क्त समय नवंबर से जून तक है। वैसे सैलानी सबसे ज्यादा यहाँ मार्च से जून के महीने में आते हैं। अगर आप इन गर्मियों में उत्तराखंड आ रहें हैं तो राजा जी नेशनल पार्क आना न भूलें।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Tuesday, 24 April 2018

वाटर स्पोर्ट्स का मज़ा लेना हो तो आ जाएं इस शहर में

गर्मियों के मौसम में अक्सर हम लोग घूमने के लिए यहाँ वहां निकलते हैं। पर आज हम आपको ऐसी जगह के बारें में बताने जा रहें हैं जो की पौराणिक और धार्मिक होने के साथ साथ अब वाटर स्पोर्ट्स के लिए भी प्रचलित होता जा रहा है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं देवभूमि उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश के बारें में।
ऋषिकेश वैसे तो पौराणिक काल से ही बहुत ही प्रचलित धार्मिक स्थल रहा है। जो भी व्यक्ति हरिद्वार घूमने की लिए आता है वो ऋषिकेश जाए बिना नहीं रह पाता है। यहाँ पर वैसे तो कई सारे पर्यटन स्थल है जैसे की परमार्थ निकेतन जहाँ पर रोज़ शाम को माँ गंगा की आरती होती है। और जिसे देखने दूर दूर से पर्यटक यहाँ आते हैं। इसके अलावा यहाँ की शान राम झूला और लक्षमण झूला को कौन भूल सकता है।
लेकिन अब ऋषिकेश वाटर स्पोर्ट्स के लिए भी प्रचलित होने लगा है। ऋषिकेश से थोड़ी दूरी पर स्थित शिवपुरी से लोग वाटर राफ्टिंग, कैंपिंग इत्यादि के मजे लेने के लिए न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी लोग यहाँ आते हैं। इसके अलावा यहाँ बोटिंग इत्यादि की भी सुविधा दी जाती है। इसके अलावा यहाँ पर अब कई सारे एडवेंचर पार्क और क्लब खुल गए हैं जहाँ सैकड़ों लोग आते हैं। अगर आपके पास भी ऋषिकेश से जुड़ी कोई ख़ास जानकारी हो तो कमेंट बॉक्स में लिख कर हमसे साझा करें।


यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

दिल्ली के चटपटे और स्वादिष्ट ज़ायके

यूँ तो दिल्ली को दिल वालों का शहर कहा जाता है, पर आज हम आपको यहाँ के कुछ ख़ास ज़ायकों के बारें में बताने जा रहे हैं। अगर आप दिल्ली घूमने जा रहे हैं तो आप इन ज़ायकों का स्वाद लेना न भूलें।
चांदनी चौक में अगर आप जाएँ तो यहाँ पर जलेबी खाना न भूलें। साथ ही यहाँ पर मौजूद परांठा वाली गली में आप ढेरों पराठों के ज़ायके चख सकते हैं। इसके अलावा यहाँ के दही भल्ले भी बहुत मशहूर हैं। कुल्फी फालूदा के तो क्या कहना।
इसके अलावा आप अगर पहाड़गंज जाएं तो वहां के छोले भठूरे, मूलचंद के परांठे, कनॉट पैलेस की कॉफ़ी का भी आनंद ले सकते हैं।


नॉनवेज पसंद करने वालों के लिए जामा मस्जिद, दरयागंज और गोल मार्किट सबसे ज्यादा मशहूर है। नेहरू पैलेस के अंडे परांठे भी बहुत ही फेमस है। इसके अलावा और भी बहुत सी जगह के मशहूर जायके है जिसके बारें में हम अगले आर्टिकल में बताएंगे। इसके अलावा अगर आप भी किसी ख़ास ज़ायके के बारें में जानते हैं तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

जानिए देहरादून स्थित बुद्धा टेम्पल के बारें में

देहरादून में यूँ तो कई सारे पर्यटक स्थल है। इनमे से एक बुद्धिस्टों के पर्यटक स्थल का नाम है बुद्धा टेम्पल। बुद्धा टेम्पल देहरादून के क्लेमेन टाउन में स्थित है। इन मंदिरों का आर्किटेक्चर बहुत ही उम्दा है। ये कई एकड़ में फैला हुआ है। इन पर मौजूद चित्रकारी किसी का भी मन मोह लेती है।


बुद्धा टेम्पल आने पर आप को शांति का अनुभव प्राप्त होता है। जो लोग शहर की भाग दौड़ भरी जिंदगी से हटकर कुछ शांति की तलाश करना चाहते हैं तो उनके लिए ये जगह स्वर्ग से कम नहीं है। आप यहाँ पर मैडिटेशन भी कर सकते है। इन मंदिरों की स्थापना 1965 में तिबत्तियों ने की थी। जो की आज के समय में एक पर्यटक स्थल के तौर पर लोकप्रिय हो गया है।
यहाँ पर भगवान् बुद्ध का स्तूप है। हर साल यहाँ पर हजारों के संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुँचते है। अगर आप के पास भी इससे जुड़ी कोई रोचक जानकारी हो तो हमे कमेंट कर के जरूर बताएं।
यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार के लेख और खबरें तथा जानकारी मिलती रहे।
नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये