Wednesday, 20 December 2017

कभी नहीं होगी पैसे की तंगी अगर रखेंगे इन वस्तुओं को अपने पर्स में


हम में से कई बार लोग शिकायत करते हैं की उनके पास पैसे रुकते ही नहीं है। वो लोग कितना भी कमा लें परन्तु उनके पास पैसा टिकता ही नहीं है। आज हम आपको बताने जा रहें है की आप ऐसी कौनसी वास्तु अपने पर्स में रख सकते हैं जिसके बाद आपको पैसे की तंगी कभी नहीं आएगी।
किन्नरों को दान करना वैसे तो शुभ माना जाता हैं। परन्तु अगर हो सके तो आप किन्नर को दान करने के उपरान्त उनसे एक सिक्का वापस मांग लें। तथा उस सिक्के को अपने पर्स में रख लें। ध्यान रखें की किन्नर आपको अपनी ख़ुशी से वो सिक्का दे। आपका पर्स हमेशा भरा रहेगा। किन्नरों की दुआओं में बहुत ताखत होती है। आप उस सिक्के को हरे कपड़े में लपेट कर अपने घर की तिजोरी में भी रख सकते है।


साथ ही आप अपने पर्स में एक पीपल का पत्ता भी रख सकते हैं। पर ये पत्ता खुद से जमीन पर गिरा हुआ हो न ही पेड़ से तोड़ कर। पीपल के पत्ते को इस तरह से रखें की वो किसी को दिखाई न दे।
ये तो सभी जानते हैं की चावल शुक्र गृह से सम्बंधित अनाज है। शुक्र गृह धन और वैभव का कारक है। इसलिए आप अपने पर्स में माँ लक्ष्मी की पूजा में से चावल के 21 दाने लेकर अपने पर्स में एक कागज़ की पुड़िया बना कर रख लें।
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नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Tuesday, 19 December 2017

कैसे अनिष्टकारी होता है पूजा के दौरान किया गया गलत मंत्र उच्चारण


हिन्दुओं की पूजा में मंत्रो का विशेष महत्व होता है। जितने महत्वपूर्ण मंत्र होते है उतना ही महत्वपूर्ण उसका उच्चारण होता है। शास्त्रों के अनुसार गलत मंत्रोचारण अनिष्टकारी सिद्ध होता है। मंत्रो में अद्भुत शक्ति होती है। मंत्रों के द्वारा कोई भी व्यक्ति बड़ी से बड़ी मुसीबतों से भी पार पा सकता है।
अगर कोई व्यक्ति सही मंत्रोचारण कर के अपने इष्ट देवी देवता का स्मरण और पूजा करता है तो भगवान् भी उसकी सारी विपदाएं और विपत्तियां हर लेते हैं। इससे व्यक्ति आध्यात्मिक तौर पर भी सशक्त होता है। तथा उसके शत्रुओं का नाश होता है।
मंत्रो का प्रयोग अपने लिए रक्षा कवच बनाने के लिए भी किया जाता है। जब कोई प्रतिदिन इस तरह से अपनी पूजा में मंत्रो का प्रयोग करता है तो उसके इर्दगिर्द एक तरह का रक्षा कवच स्थापित हो जाता है। पुराणों में भी पत्ते, ताम्रपत्र या कागज़ पर मंत्रो का लिख कर अपने पास रख कर कवच धारण करने के प्रावधान हिन्दू धर्म में मौजूद है।
ध्यान देने वाली बात ये है की कभी भी व्यक्ति को मंत्रो का गलत उच्चारण नहीं करना चाहिए। मंत्रो उच्चारण के दौरान स्वर और व्यंजनों पर खास ध्यान देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति गलत मंत्रो का उच्चारण करता है तो वो उसके लिए एक श्राप की भांति हो जाता है।
संस्कृत और हिंदी भाषा में एक मात्रा के बदलने मात्र से किसी भी शब्द का अर्थ से अनर्थ हो जाता है। जैसे की अगर चिंता में से मात्रा हटा दी जाये तो वो चिता बन जाता है। इसी प्रकार संस्कृत में लिखे मंत्रो का सही उच्चारण करना अति महत्वपूर्ण होता है।
अगर व्यक्ति मंत्रो में गलत स्वर का उच्चारण करता है तो ये उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। ऐसे व्यक्तियों को बीमारियां घेर लेती है। जबकि व्यंजनों का गलत उच्चारण व्यक्ति के समस्त जीवन का सर्वनाश कर सकता है।
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बुद्धिमान होते है वो लोग जिनके हाथों का अंगूठा होता है ऐसा

ज्योतिषशास्त्र के अंतर्गत आपके हाथ की रेखाएं आपके भविष्य के बारे में बहुत कुछ बताती है। पर क्या आप जानते हैं की आपके हाथ का अंगूठा भी आपके व्यक्तित्व और भविष्य के बारें में बहुत कुछ बताता है। आपने ये तो देखा ही होगा की आपके हाथों की उंगलिया तीन हिस्सों में होती है जबकि आपके अंगूठे केवल दो ही हिस्सों में होते हैं।
अंगूठे का निचला हिस्सा ये बताता है की जातक कितना बुद्धिमान है जबकि अंगूठे का ऊपरी हिस्सा उसके जीवन और कार्यों के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है। अगर किसी के अंगूठे का ऊपरी हिस्सा निचले हिस्से से छोटा है तो ऐसा व्यक्ति बहुत ही बुद्दिमान और सजग माना जाता है। ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में बहुत ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है। तथा अपने सारे निर्णय सोच समझ कर लेता है।
अगर सही और सवश्रेष्ठ अंगूठे की बात करें तो वो न तो अधिक लचीला होना चाहिए और न ही अधिक कठोर। अंगूठे की लम्बाई भी आपके हाथ की तर्जनी के पहले हिस्से तक की होनी चाहिए। ऐसे अंगूठे वाला व्यक्ति बहुत ही ताकतवर और बुद्धिमान माना जाता है। जिस किसी का अंगूठा सख्त, कड़ा और सीधा होता है तो माना जाता है की वो व्यक्ति अपने जीवन में उसूलों के पक्के होते हैं। ऐसे लोग सकारात्मक सोच वाले भी होते हैं।
जिस किसी के हाथ का अंगूठा उसकी उँगलियों से ज्यादा छोटा नहीं होता वो लोग समाज की अगुवाई करते हैं। ऐसे लोग नेता भी बन सकते हैं। इनका स्वाभाव बहुत ही आकर्षक होता है। जिन व्यक्तियों के हाथ का अंगूठा छोटा होता है वो निर्णय लेने में अक्षम होते हैं। ऐसे व्यक्तियों को प्यार में भी सफलता प्राप्त नहीं होती। ऐसे लोग दूसरों की कही सुनी बातों में भी यकीन कर लेते हैं।
जिन व्यक्तिओं के अंगूठे ऊपर से मोठे होते हैं वो अपने फैसलों को लेकर अडिग रहते है। जबकि जिन व्यक्तियों के अंगूठे का आकार चकोर होता है वो बड़े ही खर्चीले स्वाभाव के होते है। जिन व्यक्तियों के हाथ का अंगूठा नहीं मुड़ता वो बड़े ही कठोर स्वाभाव के होते है। ऐसे व्यक्ति बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते। जबकि जिनके अंगूठे आसानी से पीछे मुड़ जाते है ऐसे व्यक्ति स्वयं को किसी भी परिस्थिति में आसानी से ढाल लेते है। ऐसे लोग बड़े दयालु किस्म के होते है।
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