Wednesday, 24 January 2018

जाने रूपए और डॉलर का मूल्य आज़ादी से लेकर आज तक

हम देख रहें हैं की डॉलर दिनों दिन महंगा होता जा रहा है। पर क्या आप जानते हैं की आज़ादी के समय भारत का 1 रूपए 1 अमरीकी डॉलर के बराबर था। दरअसल उन दिनों रूपए की कीमत बहुत ज्यादा हुआ करती थी क्यूंकि भारत ब्रिटिश राज का उपनिवेश था जहाँ की अर्थव्यवस्था पौंड पर निर्भर थी जो की डॉलर से महंगा हुआ करता था और आज भी ब्रिटैन की पौंड अमरीका की मुद्रा डॉलर से कहीं ऊपर है।
आज़ादी के समय अमरीकी 1 डॉलर की कीमत भारतीय 1 रूपए के बराबर थी। जो की आज के वक्त में 63.92 रूपए तहत पहुँच गयी है। आज हम 1 रूपए और 1 डॉलर के बीच एक कम्पेरिजन देखेंगे। और साथ ही ये भी की कुछ सालों के अंतरालों पर रूपए की कीमत किस तरह नीचे आती चली गयी।


साल 1947 1 अमरीकी डॉलर बराबर 1 भारतीय रूपए
साल 1952 1 अमरीकी डॉलर बराबर 4.75 भारतीय रूपए
साल 1966 1 अमरीकी डॉलर बराबर 7.10 भारतीय रूपए
साल 1973 1 अमरीकी डॉलर बराबर 7.66 भारतीय रूपए
साल 1975 1 अमरीकी डॉलर बराबर 8.41 भारतीय रूपए
साल 1980 1 अमरीकी डॉलर बराबर 7.89 भारतीय रूपए
साल 1985 1 अमरीकी डॉलर बराबर 12.34 भारतीय रूपए
साल 1990 1 अमरीकी डॉलर बराबर 17.50 भारतीय रूपए
साल 1995 1 अमरीकी डॉलर बराबर 32.43 भारतीय रूपए
साल 2000 1 अमरीकी डॉलर बराबर 45.00 भारतीय रूपए
साल 2005 1 अमरीकी डॉलर बराबर 44.01 भारतीय रूपए
साल 2010 1 अमरीकी डॉलर बराबर 45.65 भारतीय रूपए
साल 2015 1 अमरीकी डॉलर बराबर 62.23 भारतीय रूपए
साल 2018 1 अमरीकी डॉलर बराबर 63.91 भारतीय रूपए
इस तरह आज भारतीय मुद्रा की कीमत अमरीकी डॉलर के मुकाबले इतनी निचे आ गयी है। और जब तक भारतीय अर्थव्यस्था मजबूत नहीं होगी तब तक ये ऐसे ही चलता रहेगा और दिनों दिन ये नीचे ही आती जायेगी।
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नोट: उपरोक्त सिफारिशों और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। अपने आप पर प्रयोग करने से पहले एक पंजीकृत प्रमाणित ट्रेनर या अन्य पेशेवर से परामर्श कर सलाह लीजिये

Tuesday, 23 January 2018

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ जाने अनजाने तथ्य

यूँ तो गणतंत्र दिवस हम लोग हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। पर आज हम आपको इससे जुड़े कुछ जाने अनजाने तथ्यों को बताने जा रहें है। तो आइये जानते है ऐसे ही तथ्यों के बारें में।
आज़ादी से पहले 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज के रूप में सबसे पहले मनाया गया था। इस कारण इस दिन की महत्तता को दर्शाने के लिए संविधान को लागू करने के लिए इसी दिन को चुना गया।


संविधान लागू होने से पहले भारत को ब्रिटिश गवर्नमेंट द्वारा बनाया गया गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया एक्ट 1935 से चलाया जा रहा था। 1950 से 1954 तक कोई गणतंत्र दिवस परेड के लिए कोई भी जगह पहले से सुनियोजित नहीं थी। साल 1955 से गणतंत्र दिवस की परेड के लिए राजपथ को सुरक्षित किया गया।
इस दिन भारत के शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया जाता है। साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन भी होता है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है जिसमें 448 आर्टिकल्स सम्मिलित है। जो की हांथों से हिंदी और अंग्रेजी में लिखा गया है। इसकी असली प्रति संसद भवन की लाइब्रेरी में आज भी सुरक्षित है।
भारत का संविधान डॉ भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने संविधान का कार्य 2 साल 11 महीने और 18 दिन में पूरा किया। जिसमे दूसरे देशों के संविधानों के महत्वपूर्ण अंश भी लिए गए है। हमारा संविधान दूसरे देशों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है और हमे अपने संविधान पर गर्व है।
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Monday, 22 January 2018

अगर करनी है झट से शादी तो अपनाएं ये उपाए

माना जाता है हर कार्य का एक सही समय होता है और सही समय पर किये गए कार्य ही फलीभूत होते हैं। इसी तरह सही समय पर शादी का भी बड़ा महत्व होता है। पर अगर किसी वजह से आपकी शादी नहीं हो पा रही है तो आज हम आपको कुछ आसान से उपाए बताने जा रहें है। जिन्हे अपना कर आप जल्द ही वैवाहिक जीवन का आनंद ले सकते हैं।
पहला उपाए
शादी में देरी होने या न होने का एक कारण बृहस्पति ग्रह को माना जाता है। इसके लिए आप वैसे तो दाएं हाँथ की तर्जनी (प्रथम उंगली) में पुखराज को धारण कर सकते हैं। पर अगर आप को सस्ता सा उपाए करना है तो आप एक गाँठ वाली हल्दी को एक धागे या कपड़े में लेकर अपने दाएं हाँथ पर बाँध लें।
दूसरा उपाए
क्या आप जानते हैं की हल्दी नीली और काले रंग की भी होती है। अगर आपकी राशि में शनि का प्रकोप है जिसके कारण आपकी शादी में बाधा आ रही है तो आप काली हल्दी को धारण करें।
तीसरा उपाए
अगर आपकी कुंडली में मंगल की वजह से दिक्कतें आ रही हैं तो आप नारंगी हल्दी को धारण करें। साथ ही मंगलवार के दिन आप दान पुण्य भी कर सकते हैं।
चौथा उपाए
इनके अलावा आप रोज हल्दी वाले पानी से नहाना शुरू कर दें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। साथ ही एक लोटे में जल भर कर उसमे हल्दी की गाँठ डाल दें तथा लोटे पर भी हल्दी से टीका लगा दें। अब सूर्य भगवान् को अर्ध्य देने के उपरान्त इस लोटे पर लगी हल्दी से अपने माथे पर तिलक लगा लें।
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